IGMC में 200 रेजिडेंट डॉक्टरों ने बैंक गारंटी को लेकर की हड़ताल

ख़बरें अभी तक।  हिमाचल प्रदेश में डॉक्टरों से ली जा रही बैंक गारंटी के खिलाफ रेजिडेंट डॉक्टरों ने सरकार के खिलाफ  मोर्चा खोल दिया है। आइजीएमसी में रेजिडेंट डॉक्टरों ने दो घण्टे की पेन डाउन स्ट्राइक की और सरकार से जल्द बैंक गारंटी खत्म करने की मांग की है। हालांकि सरकार ने धन राशि की सीमा 10 लाख से घटा 5 लाख की है। लेकिन डॉक्टर उससे भी सहमत नहीं है। डॉक्टर बैंक गारंटी को पूरी तरह से खत्म करने पर अड़े हैं। आईजीएमसी में डॉक्टरों की हड़ताल के चलते मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। सुबह के समय ओपीडी में बहुत कम डॉक्टर होने से  मरीजों को इंतजार करना पड़ा रहा है।

बता दें कि सौ के करीब डॉक्टर हड़ताल पर गए हैं और सभी डॉक्टर आइजीएमसी के बाहर बैठे रहे। इस दौरान हालांकि डॉक्टर लोगों को स्वाइन फ्लू के प्रति जागरूक भी करते हुए डॉक्टरों ने सरकार से उनकी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की है और अगर सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है तो सभी डॉक्टर काम ठप्प कर हड़ताल पर चले जाएंगे। रेजिडेंट डॉक्टर एसोशिएसन के अध्यक्ष डॉ अजय जरयाल का कहना है की एक सप्ताह तक काले बिल्ले लगाकर विरोध करने के बाद आज से 2 घंटे की पेन डाउन हड़ताल शुरू कर दी है  सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है।

उनका मानना है कि सरकार ने उन्हें आश्वासन दिया था कि बैंक गारंटी खत्म कर दी जायेगी। लेकिन अभी भी बैंक गारंटी खत्म नहीं की गई है। उनका कहना है कि सरकार की इस शर्त से गरीब बच्चे डॉक्टर नहीं बन पाते है। सरकार पूरी तरह से बैंक गारंटी खत्म करें और अगर ऐसा नहीं करते है। चेतावनी देते हुए डॉक्टरों ने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश भर के सभी रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल शुरू कर देंगे।

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