बजट राज्यों की चिन्ताओं का निवारण करने में असफल सिद्ध हुआ,अमरेन्द्र सिंह

खबरें अभी तक। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने केन्द्रीय बजट को किसान विरोधी व दिशाहीन करार देते हुए कहा है कि बजट राज्यों की चिन्ताओं का निवारण करने में असफल सिद्ध हुआ है। केन्द्रीय वित्त मंत्री पंजाब द्वारा बजट से पूर्व उठाए गए कई मसलों का निवारण करने में असफल रहे हैं और साथ ही वह किसानों की चिन्ताओं का निवारण भी नहीं कर सके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यों के सामने गंभीर आर्थिक संकट पैदा हो चुके हैं परन्तु केन्द्र ने उन्हें नजरअंदाज करते हुए किसानों के हितों के लिए कोई कदम नहीं उठाया। प्रत्येक वर्ग को बजट से उम्मीदें थीं जो अब पूरी नहीं हुईं। भारत सरकार अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह करने में असफल हुई है।

किसान देश का अन्नदाता है परन्तु उसको पूरी तरह से केन्द्र नजरअंदाज कर रहा है। उन्होंने कहा कि चाहे फसलों की कीमतों को उत्पादन लागत का डेढ़ गुना रखने का ऐलान किया गया है परन्तु इस पर अभी गंभीरता से गौर करने की जरूरत है। अगर स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट को केन्द्र लागू कर देता है तो बेहतर होता।

अगर केन्द्र सरकार इस मामले पर गंभीर है तो उसे नीति आयोग के सदस्य रमेश चंद्र की रिपोर्ट को इस मुद्दे पर लागू करना चाहिए था। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने फसल विविधीकरण का मामला केन्द्र के सामने उठाया था और इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर हार्टीकल्चर यूनिवर्सिटी बनाने का सुझाव दिया था, जिसे नजरअंदाज किया गया।

उन्होंने कहा कि पंजाब ने केन्द्र को केन्द्रीय योजनाओं में 90 प्रतिशत भागेदारी केन्द्र की व 10 प्रतिशत राज्य की रखने का प्रस्ताव भी दिया था। इसी तरह से अन्य सैक्टरों को भी बजट से हताशा मिली है। पंजाब के लिए कोई नई रेल लाइन बिछाने का भी ऐलान नहीं किया गया है। पंजाब सीमावर्ती राज्य है, जिसे औद्योगिक तौर पर राहत या पैकेज दिया जाना चाहिए था, इसे भी नजरअंदाज किया गया है।