क्या फ्लॉप खिलाड़ियों के सहारे दुनिया जीतने चली टीम इंडिया!

ख़बरे अभी तक। इंग्लैंड में 30 मई से शुरू हो रहे आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप महाकुंभ में टीम इंडिया कई ऐसे खिलाड़ियों के साथ उतरेगी. जिनका IPL-12 का सीजन बेहद खराब रहा. ऐसे में सवाल उठने लगे है कि क्या इन फ्लॉप खिलाड़ियों के सहारे टीम इंडिया वर्ल्ड कप के इस महाकुंभ को जीतने में कामयाब हो पांएगी.
वर्ल्ड कप में जिन खिलाड़ियों का स्थान लगभग पक्का था-
टीम इंडिया के लिए बहुचर्चित चौथे स्थान के लिए विजय शंकर पर दांव खेला. शंकर ने सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से 15 मैचों में 20.33 की औसत से महज 244 रन बनाए और उनका उच्चतम स्कोर नाबाद 40 रन रहा. विजय शंकर ही नहीं, चौथे स्थान पर बल्लेबाजी के एक अन्य दावेदार दिनेश कार्तिक भी अपेक्षित प्रदर्शन करने में नाकाम रहे. जाधव भी चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से उन्होंने 12 पारियों में 162 रन बनाए.
जबकि स्पिन विभाग की बात करे तो कुलदीप यादव IPL-2019 लगातार संघर्ष करते दिखे और 9 मैचों में 71.50 की औसत से केवल 4 विकेट लिए. जिस कारण कोलकाता नाइटराइडर्स ने उन्हें आखिरी मैचों से अंतिम एकादश से बाहर रखा.

जिन का प्रर्दशन राहत की खबर-

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बल्लेबाजों में रोहित शर्मा ने 15 मैचों में 405 रन बनाए लेकिन अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने में अक्सर नाकाम रहें. पर उन्होंने केवल दो अर्धशतक जमाए. उनके साथी सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने 16 मैचों में 521 रन बनाकर खुद को लय में बनाए रखा. चौथे नंबर के लिए केएल राहुल ने 14 मैचों में 53.90 की औसत से 593 रन बना कर मजबूत दावेदार बना लिया है. कप्तान विराट कोहली (14 मैचों में 464) और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (15 मैचों में 416) पर फिर से टीम का भरोसा बना रहेंगे और हार्दिक पंड्या ने डेथ ओवरों की धुआंधार बल्लेबाजी के दम पर 402 रनों के अलावा 14 विकेट लेकर टीम को एक भरोसा दिया.
तेज गेंदबाजों पर सभी की निगाहें-
भारतीय तेज गेंदबाजों में जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी ने दिखाया कि वे विश्व कप में भी गेंदबाजी की अगुआई करेगे. बुमराह ने 16 मैचों में 19 और शमी ने 14 मैचों में 19 विकेट लिए साथ ही भुवनेश्वर कुमार के 15 मैचों में 13 विकेट ने तेज गेंदबाजी के भरोसे को सुनिश्चित किया है.

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