
महर्षि मार्कंडेश्वर (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी ), मुलाना में स्वदेशी जागरण मंच एवं स्वावलंबी भारत अभियान, जिला अंबाला के संयुक्त तत्वावधान में युवाबिज-2026 युवा उद्यमिता एवं आत्मनिर्भरता सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य युवाओं में उद्यमिता की भावना को प्रोत्साहित करना, आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा युवाओं को रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम में स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय सह-संगठक श्री सतीश कुमार मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की गरिमा एमएम (डी.यू.), मुलाना के कुलपति डॉ. एच. के. शर्मा, कुलसचिव डॉ. सुमित मित्तल, शैक्षणिक अधिष्ठाता डॉ. एन. के. बत्रा, विभिन्न विभागों के निदेशक एवं प्राचार्य, स्वदेशी जागरण मंच एवं स्वावलंबी भारत अभियान के पदाधिकारी, शिक्षकगण तथा विद्यार्थियों की उपस्थिति से बढ़ी।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया गया। मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों का पारंपरिक अंगवस्त्र एवं श्रीफल भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
स्वदेशी जागरण मंच एवं स्वावलंबी भारत अभियान, अंबाला के जिला संयोजक श्री संजीव महंत ने मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया। अपने संबोधन में उन्होंने सम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्र निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उद्यमशील सोच विकसित करने तथा नवाचार एवं उद्यम के माध्यम से आर्थिक विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
इसके पश्चात राज्य संयोजक श्री कुलदीप पुनिया ने युवाओं के बीच उद्यमिता, स्वदेशी चिंतन और आर्थिक आत्मनिर्भरता के महत्व पर अपने विचार रखे। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के शिकागो संबोधन का उल्लेख करते हुए युवाओं को आत्मविश्वास, नवाचार और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य वक्ता श्री सतीश कुमार ने अपने संबोधन में उद्यमिता एवं स्वरोजगार को आत्मनिर्भर युवा पीढ़ी के निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल नौकरी की तलाश तक सीमित न रहें, बल्कि “नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें।” उन्होंने युवाओं को स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने तथा स्थानीय संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने के लिए भी प्रेरित किया।
श्री सतीश कुमार ने युवाओं के लिए पांच प्रमुख सिद्धांतों पर विशेष जोर दिया। पहला, “सीखते हुए कमाई और उद्यम के अवसर विकसित करें” के माध्यम से उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ उद्यमिता एवं आय के अवसर विकसित करने के लिए प्रेरित किया। दूसरा, “नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें” के तहत उन्होंने युवाओं से रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार के अवसर पैदा करने का आह्वान किया। तीसरा, “बड़ा सोचें, नया सोचें और लीक से हटकर सोचें” के माध्यम से उन्होंने बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, नए विचार विकसित करने और रचनात्मक सोच अपनाने पर बल दिया।
चौथे सिद्धांत के तहत उन्होंने युवाओं को जुनूनी, मेहनती, विश्वसनीय और तकनीक-सक्षम बनने तथा सोच-समझकर जोखिम उठाने के लिए प्रेरित किया। वहीं पांचवें सिद्धांत “राष्ट्र प्रथम, स्वदेशी सर्वोपरि” के माध्यम से उन्होंने राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने और स्वदेशी मूल्यों एवं उत्पादों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।
श्री सतीश कुमार ने कहा कि उद्यमिता युवाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के साथ-साथ समाज में नए रोजगार के अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने कौशल एवं स्थानीय संसाधनों का उपयोग करते हुए नए अवसरों की पहचान करने, नए उद्यम स्थापित करने तथा देश के आर्थिक विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने क्षेत्र में विश्वस्तरीय आधारभूत ढांचे और रोजगार के अवसरों के सृजन में चांसलर श्री तरसेम गर्ग के योगदान का भी उल्लेख किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर एमएम (डी.यू.) के कुलपति डॉ. एच. के. शर्मा ने मुख्य अतिथि, स्वदेशी जागरण मंच एवं स्वावलंबी भारत अभियान के पदाधिकारियों, गणमान्य अतिथियों, शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि युवाओं में उद्यमिता, नवाचार और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करने वाली ऐसी पहलें राष्ट्र के आर्थिक एवं सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। युवाबिज-2026 ने युवाओं को उद्यमिता, स्वदेशी चिंतन और आत्मनिर्भरता के विचारों से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्र निर्माण एवं आर्थिक विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करने का सार्थक मंच प्रदान किया।





