MMDU में दिखा रिश्तों का रंग, ‘बंधन’ उत्सव में सजी राखियां, खिले मेहंदी के रंग और दिखा नेल आर्ट का हुनर

खबरें अभी तक: रक्षाबंधन के पावन अवसर पर महर्षि मार्कण्डेश्वर (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), मुलाना (MMDU) के MMICT&BM विभाग में “बंधन : रिश्तों की डोर का उत्सव” नामक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम प्रधानाचार्य डॉ. सुमित मित्तल के मार्गदर्शन एवं सहयोग में आयोजित हुआ।

कार्यक्रम में रक्षाबंधन की भावना को रचनात्मकता और सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ जोड़ते हुए विद्यार्थियों के लिए राखी मेकिंग, मेहंदी और नेल आर्ट प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने इन प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी कलात्मक प्रतिभा एवं रचनात्मक सोच का शानदार प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में प्रेम, स्नेह, देखभाल, सुरक्षा, एकजुटता, रचनात्मकता और सांस्कृतिक जुड़ाव जैसे मूल्यों को बढ़ावा देना रहा। प्रतियोगिताओं के दौरान विभाग में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला।

मेहंदी में रेणुका, राखी में तरनप्रीत और नेल आर्ट में आंचल ने मारी बाजी

प्रतियोगिताओं का निर्णयन डॉ. एच.पी. सुमा सोगी, डेंटल साइंसेज विभाग तथा डॉ. भावना पारीक, रसायन विज्ञान विभाग द्वारा किया गया। निर्णायकों ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता, मौलिकता, प्रस्तुति और उत्साह की सराहना की।

मेहंदी प्रतियोगिता में रेणुका ने प्रथम, ईशा ने द्वितीय और आरती सैनी ने तृतीय स्थान हासिल किया।

राखी मेकिंग प्रतियोगिता में BCA प्रथम वर्ष की छात्रा तरनप्रीत ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्राची दूसरे और हरमनदीप तीसरे स्थान पर रहे।

वहीं नेल आर्ट प्रतियोगिता में आंचल ने प्रथम, रामनदीप ने द्वितीय और राधिका ने तृतीय स्थान हासिल किया।

विजेताओं को मिले स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक

प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित करने के लिए विशेष पदक वितरण समारोह आयोजित किया गया। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को क्रमशः स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक प्रदान किए गए।

विजेताओं को उनकी उत्कृष्ट रचनात्मकता और प्रदर्शन के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी ऐसे सांस्कृतिक एवं रचनात्मक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया गया।

कार्यक्रम के आयोजकों ने प्रधानाचार्य डॉ. सुमित मित्तल, निर्णायकों, संकाय सदस्यों, आयोजकों और विद्यार्थियों के सहयोग एवं सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम का समापन हर्षोल्लास और यादगार माहौल में हुआ। “बंधन : रिश्तों की डोर का उत्सव” ने रक्षाबंधन के मूल संदेश—स्नेह, सम्मान, देखभाल, रचनात्मकता और आपसी जुड़ाव—को खूबसूरती से प्रस्तुत किया।