चंडीगढ़: हरियाणा के टेलीकॉम बाजार में पिछले एक दशक में बड़ा बदलाव आया है। सितंबर 2016 में रिलायंस जियो की एंट्री के बाद मोबाइल डेटा की कीमतों, इंटरनेट इस्तेमाल और कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा में बदलाव देखने को मिला। इस दौरान राज्य में मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल शहरों से निकलकर छोटे कस्बों और ग्रामीण इलाकों तक भी तेजी से बढ़ा।

ट्राई के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2016 में शून्य मोबाइल ग्राहक आधार से शुरुआत करने वाले जियो के हरियाणा में सितंबर 2016 में करीब 6.8 लाख ग्राहक थे। जून 2026 तक यह संख्या बढ़कर करीब 82.7 लाख हो गई। यानी करीब दस साल में कंपनी ने राज्य में लगभग 75.9 लाख नेट मोबाइल ग्राहक जोड़े।
जून 2026 तक हरियाणा में कुल मोबाइल कनेक्शनों की संख्या करीब 2.7 करोड़ थी। इनमें जियो की हिस्सेदारी लगभग 30.6 फीसदी रही। इससे राज्य के मोबाइल बाजार में कंपनी की मौजूदा स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

डेटा इस्तेमाल में आया बड़ा बदलाव
2016 में मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल आज की तुलना में काफी सीमित था। डेटा की कीमत अपेक्षाकृत ज्यादा होने के कारण उपभोक्ता इंटरनेट का इस्तेमाल जरूरत के हिसाब से करते थे। जियो की एंट्री के बाद टेलीकॉम कंपनियों के बीच डेटा और कॉलिंग को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ी, जिसके बाद मोबाइल इंटरनेट ज्यादा लोगों की पहुंच में आया।
हरियाणा में भी इसका असर दिखाई दिया। स्मार्टफोन और सस्ते डेटा की उपलब्धता बढ़ने के साथ सोशल मीडिया, वीडियो स्ट्रीमिंग, ऑनलाइन पेमेंट, डिजिटल सरकारी सेवाओं और ऑनलाइन शिक्षा का इस्तेमाल बढ़ा है।
आज मोबाइल इंटरनेट केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। राज्य के छोटे शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी मोबाइल डेटा रोजमर्रा की जरूरतों का हिस्सा बन चुका है।
ग्रामीण इलाकों में डिजिटल सेवाओं को मिला आधार
हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी बढ़ने से डिजिटल सेवाओं के इस्तेमाल का दायरा भी बढ़ा है। ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल भुगतान से लेकर सरकारी योजनाओं की जानकारी, ऑनलाइन पढ़ाई और कारोबार से जुड़ी गतिविधियों तक मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल बढ़ा है।
छोटे दुकानदार और कारोबारी भी डिजिटल भुगतान, सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए ग्राहकों से जुड़ रहे हैं। इससे इंटरनेट कनेक्टिविटी का असर केवल व्यक्तिगत मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्थानीय कारोबार पर भी पड़ा है।
होम ब्रॉडबैंड की बढ़ती मांग
मोबाइल सेवाओं के साथ हरियाणा में घरों तक हाई-स्पीड इंटरनेट की मांग भी बढ़ी है। जियो के अनुसार, राज्य में जियो फाइबर और जियो एयरफाइबर के जरिए करीब 6.5 लाख परिसरों को जोड़ा गया है।
वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन क्लास, वीडियो स्ट्रीमिंग और स्मार्ट टीवी जैसे इस्तेमाल बढ़ने के साथ घरों में ब्रॉडबैंड कनेक्शन की जरूरत भी पहले से ज्यादा हुई है। खासतौर पर गुरुग्राम, फरीदाबाद और दूसरे शहरी इलाकों में हाई-स्पीड होम इंटरनेट की मांग में बदलाव देखने को मिला है।
5जी के साथ कनेक्टिविटी का अगला दौर
हरियाणा में अब टेलीकॉम सेक्टर का फोकस 5जी और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी पर है। 5जी के विस्तार से तेज इंटरनेट के साथ इंडस्ट्री, लॉजिस्टिक्स, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल सेवाओं के लिए नए अवसर बनने की उम्मीद है।
हालांकि, आने वाले समय में कंपनियों के बीच मुकाबला सिर्फ सस्ते डेटा तक सीमित नहीं रहेगा। नेटवर्क कवरेज, स्पीड, सर्विस क्वालिटी और 5जी उपलब्धता जैसे मुद्दे उपभोक्ताओं के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं।
दस साल में बदली हरियाणा की डिजिटल तस्वीर
हरियाणा में जियो के दस साल पूरे होने के साथ राज्य के टेलीकॉम बाजार में आए बदलाव को भी देखा जा सकता है। 2016 में जहां मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल अपेक्षाकृत सीमित था, वहीं आज डेटा राज्य के लोगों की रोजमर्रा की डिजिटल गतिविधियों का अहम हिस्सा है।
जियो की एंट्री ने इस बदलाव को गति देने में भूमिका निभाई, लेकिन पिछले एक दशक में पूरे टेलीकॉम सेक्टर में बढ़ी प्रतिस्पर्धा, स्मार्टफोन की पहुंच और डिजिटल सेवाओं के विस्तार ने मिलकर हरियाणा की कनेक्टिविटी की तस्वीर बदली है।
आने वाले वर्षों में 5जी, फाइबर और अन्य हाई-स्पीड नेटवर्क सेवाओं के विस्तार के साथ यह बदलाव और तेज होने की संभावना है।




