BRICS आपदा जोखिम न्यूनीकरण तकनीकी बैठक में हिमाचल ने पेश किया GIS आधारित शहरी आपदा प्रबंधन प्लेटफॉर्म

पुरी (ओडिशा): हिमाचल प्रदेश ने पुरी, ओडिशा में आयोजित द्वितीय BRICS तकनीकी बैठक (आपदा जोखिम न्यूनीकरण) में अपने GIS आधारित शहरी आपदा प्रबंधन एवं अर्बन रेजिलिएंस प्लेटफॉर्म का सफलतापूर्वक प्रस्तुतीकरण किया। इस बैठक में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात सहित BRICS देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. पुष्पेन्द्र राणा, विशेष सचिव (आपदा प्रबंधन), हिमाचल प्रदेश सरकार ने कहा कि शहर केवल इमारतों का समूह नहीं होते, बल्कि लोग, बुनियादी ढांचा, सेवाएं और संस्थाएं मिलकर एक संपूर्ण व्यवस्था बनाते हैं। किसी भी आपदा के दौरान इन सभी पर एक साथ प्रभाव पड़ता है, इसलिए समय पर और सटीक जानकारी उपलब्ध होना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने बताया कि आपदा के समय प्रभावित लोगों की पहचान करना, लापता व्यक्तियों का पता लगाना, क्षतिग्रस्त सेवाओं एवं बुनियादी ढांचे का आकलन करना तथा राहत एवं पुनर्वास कार्यों की योजना बनाना बड़ी चुनौती होती है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए हिमाचल प्रदेश ने GIS आधारित निर्णय सहायता प्रणाली (Decision Support System) विकसित की है, जिसमें ड्रोन सर्वेक्षण, फील्ड सर्वेक्षण और भू-स्थानिक (Geospatial) तकनीकों का उपयोग किया गया है।

इस पहल के अंतर्गत राज्य के 16 शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) में 15,000 से अधिक संपत्तियों का डिजिटल मानचित्रण किया गया है, जिससे आपदा प्रबंधन के लिए एक व्यापक डाटाबेस तैयार हुआ है।

यह प्लेटफॉर्म आपदा के प्रभाव का त्वरित आकलन करने, प्रभावित परिवारों और बाधित सेवाओं की पहचान करने, क्षति का विश्लेषण करने तथा निर्णय लेने वाले अधिकारियों को वास्तविक समय (Real-Time) में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने में सहायता करता है।

इसके साथ ही, यह भू-स्थानिक डाटाबेस भविष्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग (ML) के उपयोग को भी बढ़ावा देगा, जिससे जोखिम का पूर्वानुमान, प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली और बेहतर शहरी योजना तैयार करने में मदद मिलेगी।

यह पहल आधुनिक तकनीक और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली के माध्यम से हिमाचल प्रदेश को अधिक सुरक्षित, आपदा-सक्षम और जलवायु अनुकूल शहरों के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।