चीन पर डिजिटल स्ट्राइक के बाद अब भारत की ‘पावर’ स्ट्राइक !

ख़बरें अभी तक || साइबर’ स्ट्राइक के बाद अब केंद्र सरकार चीन को ‘बिजली का झटका’ भी देने जा रही है। केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री आर के सिंह ने कहा है कि चीन जैसे देशों से बिजली उपकरणों का आयात नहीं किया जाएगा। जो देश हमारे जवानों को मारता है और हमारी जमीन हड़पने की कोशिश करता है, उससे किसी भी तरह का सामान खरीदने की इजाजत नहीं दी जा सकती है।

बता दें कि जब से गलवान घाटी में भारत और चीन के बीच विवाद शुरू हुआ है, उसके बाद से ही भारत चीन को चौतरफा मात दे रहा है। पहले चीन पर डिजिटल स्ट्राइक और अब भारत ने चीन को बिजली का बड़ा झटका देने की तैयारी कर ली है। भारत सरकार ने चीन से बिजली उपकरण आयात नहीं करने का फैसला लिया है। चीन ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान से भी अब भारत कोई बिजली उपकरण नहीं खरीदेगा।

केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री आर के सिंह ने कहा कि देश में जो बिजली उपकरण आयात होंगे, उनका यहां की प्रयोगशालाओं में गहन परीक्षण होगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं उसमें ‘मालवेयर’ और ‘ट्रोजन होर्स’ का उपयोग तो नहीं हुआ है। उसी के बाद उसके उपयोग की अनुमति होगी।

इस दौरान आर. के. सिंह ने साफ कर दिया कि भारत में जो भी उपकरण है, उनको बनाने की कैपिसिटी है और भारत में जो कुछ उपकरण है जो नहीं बनते उनके लिए भी विकल्प तलाशे गए हैं। अब हम चीन और पाकिस्तान से बिजली उपकरणों की खरीद पूरी तरह बंद करना चाहते हैं। जो उपकरण भारत में बनते हैं, उनकी खरीद को तो पूरी तरह बंद करनी ही होगी। मतलब साफ है कि कि भारत अब अपने दुश्मनों को सीमा पर और अंदरखाने जहां मौका लगेगा वहां चौतरफा घेरेगा और चीनी एप्स को बंद करने के अलावा अब बिजली उपकरणों के रोक से चीन को एक बड़ा झटका लगेगा।

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